CG paddy purchase: धान खरीदी खत्म होते ही छत्तीसगढ़ में सियासी घमासान, भूपेश बघेल का सीएम साय को पत्र
छत्तीसगढ़ में खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 के लिए धान खरीदी की प्रक्रिया 31 जनवरी को समाप्त हो चुकी है। राज्य सरकार जहां इस साल ऐतिहासिक खरीदी और रिकॉर्ड भुगतान के दावे कर रही है, वहीं विपक्ष ने सरकार की घेराबंदी शुरू कर दी है। पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने धान खरीदी की समय-सीमा खत्म होने के बाद किसानों की स्थिति पर गहरी चिंता जताते हुए मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय को एक विस्तृत पत्र लिखा है।

CG Paddy Purchase, Bhupesh Baghel letter to CM Sai। रायपुर: छत्तीसगढ़ में धान खरीदी के आंकड़े सामने आने के साथ ही राजनीति गरमा गई है। पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय को पत्र लिखकर धान खरीदी प्रक्रिया की पारदर्शिता और किसानों की वर्तमान स्थिति पर सवाल उठाए हैं।
बघेल ने पूछा है कि पंजीयन के बावजूद जो किसान अपनी उपज नहीं बेच पाए, उनके कर्ज की वसूली और आर्थिक भरपाई के लिए सरकार के पास क्या योजना है?
CG Paddy Purchase, Bhupesh Baghel letter to CM Sai।पूर्व मुख्यमंत्री ने अपने पत्र में कई बिंदुओं पर स्पष्टीकरण मांगा है।
लक्ष्य बनाम खरीदी: इस वर्ष के लिए निर्धारित 160 लाख मीट्रिक टन के लक्ष्य के मुकाबले असल में कितनी खरीदी हुई? (रिपोर्ट्स के अनुसार, सरकार लक्ष्य से करीब 20 लाख टन पीछे रही है)।
वंचित किसान: तकनीकी खामियों या समय-सीमा खत्म होने के कारण कितने किसानों के टोकन निरस्त हुए?
एग्रीस्टैक की समस्या: एग्रीस्टैक (AgriStack) पोर्टल की त्रुटियों की वजह से जिन किसानों का रकबा शून्य या कम प्रदर्शित हुआ, उनकी आर्थिक क्षति की भरपाई कैसे होगी?
कर्ज का बोझ: जो ऋणी किसान धान नहीं बेच पाए, क्या उन पर बैंक वसूली के लिए दबाव बनाएंगे?
भूपेश बघेल ने अपने पत्र में लिखा कि प्रदेश के विभिन्न अंचलों से आ रही सूचनाएं चिंताजनक हैं। उन्होंने कहा, “शासन की प्रशासनिक सीमाओं के कारण यदि प्रदेश का एक भी किसान अपनी उपज बेचने से वंचित रह गया है, तो यह गंभीर चिंता का विषय है।” बघेल ने आरोप लगाया कि 15 जनवरी के बाद टोकन काटने की प्रक्रिया में शिथिलता आई, जिससे छोटे किसान सबसे ज्यादा प्रभावित हुए।
जहां राज्य सरकार का दावा है कि 13 जनवरी तक ही 105.14 लाख मीट्रिक टन धान खरीदकर 23,448 करोड़ रुपये का रिकॉर्ड भुगतान किया गया है, वहीं विपक्ष का कहना है कि अंतिम आंकड़ों में सरकार पिछले वर्ष (149 लाख टन) के स्तर तक भी नहीं पहुँच पाई है।
धान खरीदी में भाजपा सरकार का भ्रष्टाचार लगातार बेनकाब हो रहा है।
धान मंडी पहुँचा ही नहीं, लेकिन तौल भी हो गया और भुगतान भी कर दिया गया।
भाजपा सरकार के भ्रष्टाचारी चूहे धान खरीदी के नाम पर हर रोज करोड़ों का खेल खेल रहे हैं। pic.twitter.com/x7PtH5C4lL
— INC Chhattisgarh (@INCChhattisgarh) February 3, 2026
जांजगीर-चांपा जैसे जिलों से किसानों द्वारा मानसिक तनाव में आत्मघाती कदम उठाने की कोशिशों की खबरें भी विपक्ष ने पत्र के माध्यम से सरकार तक पहुँचाई हैं।
CG Paddy Purchase, Bhupesh Baghel letter to CM Sai।किसान संगठनों और कांग्रेस ने मांग की है कि धान खरीदी की अंतिम तिथि 31 जनवरी के बाद भी उन किसानों के लिए पोर्टल खोला जाए, जो पंजीकृत हैं लेकिन तकनीकी कारणों से टोकन नहीं ले पाए। फिलहाल सरकार की ओर से तारीख बढ़ाने को लेकर कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है।









